महिला आरक्षण को लेकर जो राजनीतिक चाले चली जा रही है वो महिलाओ का भी अपमान है और देश का भी ,
सवाल ये है की आरक्षण क्यो ? बार बार हम जाती धर्म लिंग के नाम पर लगातार देश को बटने का काम तो कर ही चुके है अ़ब क्या लड़के लड़की बच्चे बुढे, फ़कीर जमादार और जाने क्या क्या ,सबके नाम पर आरक्षण की बात करने लगे है, आरक्षण को एक समस्या का समाधान मान कर संविधान में पिछडे वर्गों को उठाने के लिए प्रावधान किया गया था | पर आज आरक्षण को राजनीती का हथियार बना लिया गया है...और कोई मुद्दा काम करे या न करे ये हथियार जरुर अपना काम करेगा वोट दिलाने में ,
आरक्षण किसी भी तरह का हो हम देख चुके है की ये उनलोगों के लिए उपयोगी नही हुआ है जो इसके वास्तविक हक़दार है , समर्थ लोग ही आरक्षण का लाभ उठा लेते है और कमजोर लोग दबे ही रह जाते है, सरकारों ने भी अपने कामचोरी और नाकारापन को छुपाने के लिए अच्छा बहाना ढूंड लिया है आरक्षण ,और जनता इसमे ही खुश हो जाती है , चाहे कोई जाती वर्ग हो महिला पुरूष उन्हें आरक्षण का लोलीपोप देने के बजे अगर व्यवस्था में सूधार किया जाए तो किसी तरह की आरक्षण की जरुरत नही पड़ेगी .हमें समझना चाहिए की कमजोर वर्गों को व्यवस्था दी जाए न की आरक्षण कु की आरक्षण का लाभ सबतक नही पहुचेगा और इससे अयोग्य लोग पद पाकर देश का नुकसान करेंगे , अगर इसी तरह से चलता रहा तो वो दिन दूर नही की जब हर व्यक्ति आरक्षण का लाभ उठाने के लिए हर तरह के जायज नाजायज प्रयास करेगा ,,,,,,,,,,,,
मंगलवार, 9 जून 2009
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